20 अक्तूबर 2021

......तुम कभी नही आओगी माँ :)


ये मैं अच्छी तरह से 
जानता हूँ माँ
तुम कभी नही आओगी 
फिर भी 
मैं तुम्हारी प्रतिक्षा करता 
रहूँगा 
कि तुम मेरी दुनिया मे कब 
वापस लौट कर आओगी
और मुझे सोते देख 
अपना हाथों से 
प्यार भरा स्पर्श कर जाओगी
मुझे उठा कर अपनी बातों से 
मेरी हिम्मत बढ़ाओगी
जिसे खो चुका हूँ मैं
माँ तुम्हारे जाने के बाद !!

- संजय भास्कर

14 टिप्‍पणियां:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

नमन मां के लिए

Sudha Devrani ने कहा…

माँ जाने बाद भी सदा साथ होती है हमारी यादों में
बहुत ही हृदयस्पर्शी सृजन।

अनीता सैनी ने कहा…

जी नमस्ते ,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल गुरुवार(२१-१०-२०२१) को
'गिलहरी का पुल'(चर्चा अंक-४२२४)
पर भी होगी।
आप भी सादर आमंत्रित है।
सादर

Manisha Goswami ने कहा…

मां तो आखिर मां होती है
बच्चों की जां होती है!
मां के बिना यह दुनिया सुनी लगती है
नमन मां को🙏🙏
बहुत ही मार्मिक और हृदय स्पर्शी सृजन!

Onkar ने कहा…

बहुत ही सुन्दर

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

मैं अच्छी तरह से जानता हूँ माँ, तुम कभी नही आओगी ! फिर भी मैं तुम्हारी प्रतिक्षा करता रहूँगा''
बेहद मार्मिक ! नहीं भूलती माँ जिंदगी भर

MANOJ KAYAL ने कहा…

बहुत सुंदर

Meena Bhardwaj ने कहा…

माँ सदा बच्चों के साथ रहती है आशीर्वाद के रूप में । बेहद मर्मस्पर्शी सृजन ।

Madhulika Patel ने कहा…

ये मैं अच्छी तरह से
जानता हूँ माँ
तुम कभी नही आओगी
फिर भी
मैं तुम्हारी प्रतिक्षा करता
रहूँगा ,,,,,,, बहुत मार्मिक रचना मैंने भी कोविड की वजह से मॉं को खोया है,हर जगह मॉं ही नज़र आती है ।मुझे मेरी अपनी सी लगी ये रचना,मॉं जी को सादर प्रणाम ।

जितेन्द्र माथुर ने कहा…

श्रद्धांजलि

Poem hindi poetry ने कहा…

Bahot Acha Jankari Mila Post Se . Ncert Solutions Hindi or

Aaroh Book Summary ki Subh Kamnaye

प्रसन्नवदन चतुर्वेदी 'अनघ' ने कहा…

बहुत सुंदर भावनात्मक लेखन....नमन |

Jigyasa Singh ने कहा…

मन को छू गई आपकी रचना संजय जी । और मां के बारे में जानकर अपार दुख हुआ, उन्हें मेरी विनम्र श्रद्धांजलि 🙏🙏

दिगम्बर नासवा ने कहा…

माँ की यादों में डूबी कलम बहुत कुछ कह रही है ...
माँ वैसे तो आस पास ही रहती है बच्चों के .... अपनी यादों से ही कमाल कर जाती है ...