24 जनवरी 2020

उस कील का धन्यवाद :(

( चित्र गूगल से साभार  )

उस कील का धन्यवाद
जिसने संभाले रखा
पुरे वर्ष उस कैलेंडर को
जिसमे हंसी ख़ुशी की
तारीखे दर्ज थी
साल बदलते रहे
हर नए साल पर  ,
नये कैलेंडर चढ़ते रहे
दीवार पर टंगा हर वर्ष का
पुराना कैलेंडर ,
फड़फड़ाता रहता है
अपने आखरी दिनों में
क्योंकि उसको पता होता है 
जल्दी ही उसको ये जगह
खाली करनी है
और नए,कलेवर में आ जायेगा
नया कैलेंडर
पर कील हमेशा अपनी जगह
जमी रही पूरी मजबूती से
हमारी हंसी ख़ुशी की
की तारीखों को थामे
इसलिए कील के हौसले
पर उस कील का धन्यवाद

- संजय भास्कर 

08 जनवरी 2020

... मेरा मफलर :)

नववर्ष 2020 की मंगलकानाओं के साथ सभी साथियों को मेरा नमस्कार कई दिनों के बाद आप सभी के समक्ष पुन: उपस्थित हूँ अपनी नई रचना के साथ उम्मीद है आपको पसंद आये......!! 


सर्दी के मौसम में
मैं और मेरा मफलर
बन जाते है 
गहरे दोस्त
मफलर की गर्म बाहें देती है
मुझको एक 
गर्म एहसास हमेशा
जो लिपट कर मेरी
गर्दन से
झूलता रहता है मेरे कांधों पर।
और हमेशा देता है एक गर्म एहसास
पर जब कभी ठिठुरन से
ऐठ जाते है
मेरे कान तो घुमा लेता हूँ
सर के ऊपर से
एक बार
लम्बी बाहों की तरह
क्योंकि मफलर
भी लगता है मुझे मेरा अपना
जो रहता है तैयार
हमेशा बाहें फैलाये .......!!

- संजय भास्कर


20 दिसंबर 2019

मुमताज़ नाम से ही हिट हो जाती थी फिल्में :)

बॉलीवुड ऐसी दुनिया है जहाँ जब इंसान का सिक्का चलता है तो तमाम बुलंदियां उसके आगे छोटी दिखाई देती है आज हम आपको ऐसी ही एक अभिनेत्री के बारे में  जो कभी अपनी मधुर मुस्कान और नटखट अदाओं के लिए इतनी मशहूर थी की फिल्म में उनका होना यानि फिल्म के हिट होने की गारंटी सत्तर के दशक में अभिनेत्री मुमताज अपनी ख़ूबसूरती से लेकर अभिनय तक के लिए चर्चित रही थीं। उनकी एक झलक पाने को दर्शक बेताब रहा करते थे 70 के दशक की सबसे कामयाब जोड़ी मुमताज और राजेश लोग के इस कद्र दीवाने थे जब राजेश खन्ना ने मुमताज को 
देखकर गुनगुनाया, 'करवटें बदलते रहे सारी रात हम', तो लगा कि हिंदी के सुपरस्टार वाकई में मुमताज की यादों में रात भर करवटें बदलते रहे हों। कुछ हद तक सच भी था क्योंकि 60-70 के दशक में राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी ने कई हिट फिल्मों में काम किया। इस जोड़ी की साथ में जितनी भी फिल्में रहीं उन सभी ने सफलता के कदम छुए.....ये जोड़ी पर्दे पर जितने करीब नजर आती थी दरअसल वास्तविक जिंदगी में भी ये जोड़ी उतने ही करीब मानी जाती थी। 70 के दशक में फैंस मुमताज और राजेश के ढेरों दीवाने थे,70 के दशक में इन दोनों के इश्क की खबरों ने जमकर सुर्खियां भी 
बटोरीं दोस्तीं एक दौर था जब सब के दिल में राज करने वाली मुमताज जब परदे पर आतीं थी तो दर्शकों के दिल की धड़कनें रुक सी जाती थी.हर कोई उनकी अदाओं और अदाकारी का दीवाना था.लेकिन, साठ और सत्तर के दशक की इस हसीन नायिका को आज भुला दिया गया है. 69 वर्षीय मुमताज बचपन से ही अभिनेत्री बनना चाहती थी मुमताज़ का जन्म 31 जुलाई, 1947 को मुंबई में हुआ था और बचपन से ही उनका सपना एक अभिनेत्री बनने का ही था.उस समय मुमताज की मां नाज और आंटी नीलोफर दोनों ही एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय थीं, लेकिन वह महज जूनियर आर्टिस्ट के ही रूप में काम किया करतीं थी. साठ के दशक में मुमताज ने भी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल करने शुरू कर दिए थे.
मुमताज़ के साथ राजेश खन्ना पर फिल्माए गाने लोगों को आज भी याद हैं। सावन के महीने में सुने जाने वाले, ‘जय जय शिवशंकर’ की हो, या फिर ‘गोरे रंग पर इतना…’ सबके सब सदाबहार गाने हैं !!

- संजय भास्कर 

02 दिसंबर 2019

पापा आप हो सबसे ख़ास -2 दिसम्बर जन्मदिन :)

2 दिसम्बर आज मेरे पिता जी का जन्मदिन है सबसे पहले पिता जी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनायें माँ के बाद अगर कोई हमारे दिल के करीब होता है वो है पिता पिता का प्यार माँ की तरह दिखता नहीं है पर हमे अंदर से बहुत मजबूती देता है पापा अपने प्यार को दिखा नहीं पाते जिस तरह माँ करती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है की पापा हमसे कम प्यार करते हैं. बल्कि पापा तो वो हैं जो हमारी जरुरत पूरा करने के लिए और परिवार को खुश रखने के लिए कभी उनके चेहरे पर वो अपनी बाहरी तकलीफ को नहीं दिखाते हैं ..!!


पापा आप कभी प्यार नहीं जताते
कभी पसंद नहीं पूछते फिर भी
हमारी पसंद की हर चीज़
बिन कहे ही ला देते हो जाने कैसे
यही तो खासयित है आपकी
कि मन की सारी बातें फिर भी
जान जाते हो 
आप मेरे जीवन में
अदृश्य रूप से 
अपना अस्तित्व बोध 
करवाते हो  
बेशक माँ नहीं
मगर माँ से कम भी नहीं
मगर आपको 
जिसके कारण मेरा वजूद 
मेरी ज़िन्दगी 
के हर कदम पर
मेरी ऊंगली थामे
आपका स्नेहमय स्पर्श
मेरे साथ होने 
के अहसास को
पुख्ता करता गया
मेरे हर कदम में
हौंसला बढाता गया
मुझे दुनिया से 
लड़ने का जज्बा
देता गया
मुझे पिता में छुपे
दोस्त का जब 
अहसास हुआ 
तब मैंने खुद को

संपूर्ण पाया 

आप अब भी
मेरे लिए 
फिक्रमंद नज़र आते हो
चाहे खुद हर 
तकलीफ झेल जाओ
अब मैं चाहता हूँ
कुछ करूँ 
आपके लिए
मगर आपके
स्नेह,त्याग और समर्पण
के आगे मेरा 
हर कदम तुच्छ 
जान पड़ता है
पर मेरी यही कामना है 
आपके हर कदम पर
आपके साथ खड़ा रहूँ मैं.....

पिताजी को जन्मदिवस की ढेर सारी शुभकामनायें.......!!



-- संजय भास्कर