जो सफ़र की शुरुआत करते है
वो मंजिल को पार करते है ,
बस एक बार चलने का हौसला रखिये
आप जैसे मुसाफिरों का तो ,
रास्ते भी इंतज़ार करते है |
....Sanjay Bhaskar....
| Pravallika जी जी की कलम से ये पंक्तिया आप तक | |||
| पहुंचा रहे है प्रवाल्लिका जी को मेरी १०० वी समर्थक है जिन्होंने मुझे सैकड़े तक पहुचाया है बहुत बहुत आभार प्रवाल्लिका जी इसी पर आप सभी आदरणीय सुधिपाठक महानुभावों तक पेश है प्रवाल्लिका जी की एक सुंदर कविता............... आप अपनी अनमोल प्रतिक्रियाओं से प्रोत्साहित कर हौसला बढाईयेगा |