08 जुलाई 2019

.... इश्‍तेहार :)


इश्‍तेहार
चाहे किसी कंपनी का हो या
किसी स्कूल,दुकान का
उसे पढ़ना चाहिए
क्योंकि उसे पढ़ने में कोई ड़र नहीं
समय ही ऐसा हो गया है
सब काम ही इश्‍तेहारो से होते है
नई दूकान बनाओ
तो इश्‍तेहार
अस्पताल बनाओ
तो इश्‍तेहार
इश्‍तेहार जिसमे होती है
कुछ सूचनाएं कुछ सन्देश
कुछ आकड़े
कुछ वादे
जिसे खुद भी पढ़ो दूसरो को भी
सुनाओ और हमारी
सेवाओं व् वस्तुओ का फायदा उठाओ
पर इश्‍तेहार के चक्कर में
ठगे जाते है भोले भाले गरीब लोग
अक्सर
इसलिए इश्‍तेहार पढ़े जरूर
पर फैसला ले सोच समझकर
क्योंकि इश्‍तेहार का काम है
सिर्फ सूचना पहुँचाना !!

- संजय भास्कर

20 टिप्‍पणियां:

विकास नैनवाल 'अंजान' ने कहा…

रोचक अभिव्यक्ति। वैसे ब्योमकेश बक्शी भी यही कहते थे कि इश्तहार पढ़ो। ज्यादा काम की बात उधर ही होती है। :-p :-p

yashoda Agrawal ने कहा…

व्वाहहहहहह
इसलिए इश्‍तेहार पढ़े जरूर
पर फैसला ले सोच समझकर
क्योंकि इश्‍तेहार का काम है
सिर्फ सूचना पहुँचाना !!
सादर

Anuradha chauhan ने कहा…

सुंदर अभिव्यक्ति

Meena Bhardwaj ने कहा…

वाह...,रोचकता और चिन्तन का अनूठा मिश्रण !! इश्तहार वाकई दैनिक जीवन का हिस्सा बन गए हैं विवेक को जागृत करती सुन्दर अभिव्यक्ति संजय जी !

Anita ने कहा…

उचित सलाह..सोच समझ कर ही निर्णय करना चाहिए..

शुभा ने कहा…

वाह!!संजय जी ,बहुत खूब !!इश्तहार पढें जरूर ...,पर फैसला सोच -समझ कर ले । बहुत ही अच्छी बात कही है आपने ।

sudha devrani ने कहा…

इसलिए इश्‍तेहार पढ़े जरूर
पर फैसला ले सोच समझकर
क्योंकि इश्‍तेहार का काम है
सिर्फ सूचना पहुँचाना !!
सुन्दर सलाह देती लाजवाब प्रस्तुति
वाह!!!

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

बहुत बढ़िया संजय जी

दिगंबर नासवा ने कहा…

इश्तिहार की कहानी ...
सच है सिर्फ सूचना है ओर लोग इसे सही मान कर चलने लगते हैं ...

Jyoti khare ने कहा…

वाह संजय जी
बहुत खूब

Shakuntla ने कहा…

सुंदर अभिव्यक्ति

उजाले उनकी ऒर ने कहा…

आप भी वाकई अच्छा लिखते है,औऱ एक तजुर्बा साफ दिखता है लेखन में, कि आप ब्लॉग की दुनियां स्थापित व्यक्तित्व है।
साभार सुन्दर।

आशा बिष्ट ने कहा…

वास्तविकता ... बहुत खूब सर

Subodh Sinha ने कहा…

कुछ गुमराह करते इश्तहार (गोरेपन वाली क्रीम का ) को छोड़ कर इश्तहार जरुरी है जीवन में। बुजुर्गों ने भी खा है -"जो दिखेगा , वो बिकेगा।"
आजकल रचनाओं के साथ चिपके सेल्फी को देख कर भी इश्तहार का भान होता है।

Jyoti Dehliwal ने कहा…

इसलिए इश्‍तेहार पढ़े जरूर
पर फैसला ले सोच समझकर
क्योंकि इश्‍तेहार का काम है
सिर्फ सूचना पहुँचाना !!
बहुत सुंदर संदेश देती रचना।

रेणु ने कहा…

बहुत सही लिखा आपने प्रिय संजय | इश्तिहार मात्र सूचनार्थ होते हैं , किसी को बाध्य नहीं करते कि हम उसकी सलाह को जरुर माने | उसका पालन करना ना करना हमारे विवेक पर है | हार्दिक स्नेह सहित |

Unknown ने कहा…

बहुत ही सही बात कविता के माध्यम से

विश्वमोहन ने कहा…

पहले छपता था
इश्तहार
उनके आने का।
मगर आप छपने लगा है
इश्तहार
उनके जाने का।
इस कदर बेवफा
जो निकले!.... सुंदर अभिव्यक्ति!

Jaishree Verma ने कहा…

सत्य,कविता के माध्यम से।

Jyoti Singh ने कहा…

बिल्कुल सही बात है ,बढ़िया