19 मई 2018

देश सबका है :)

                                                               ( चित्र गूगल से साभार  )

बीज बो गए विषमता के 
आज यहाँ सापों की खेती उग आई है
क्यारी को फिर से सँवारो
बीज नए डालो प्यार के हमदर्दी के,
मेड़ें मत बाँधो
लकीर मत बनाओ अपनों के 
बीच में 
मत करो देशका विभाजन 
जातिवाद और धरम के नाम पर 
क्योकि धरती सबकी है 
देश सबका है !!

- संजय भास्कर   

19 टिप्‍पणियां:

HARSHVARDHAN ने कहा…

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन रस्किन बांड और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

Sweta sinha ने कहा…

वाह्ह..।बहुत सुंदर संदेश दिया है आपने, समसामयिक परिप्रेक्ष्य में। काश कि हम समझ पाते जाति और धर्म से बढ़कर मानवता है।
सुंदर रचना संजय जी।

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

बहुत बढिया पोस्ट, शुभकामनाएं।
जानिए क्या है बस्तर का सल्फ़ी लंदा

Meena Bhardwaj ने कहा…

संजय जी , बहुत खूबसूरत....., वसुधैव कुटुंबकम् के भाव को पोषित करती हृदयस्पर्शी रचना ।

Anita ने कहा…

आज के माहौल में भाईचारे और प्रेम का सुंदर संदेश देती भावपूर्ण रचना..

जय मां हाटेशवरी... अनेक रचनाएं पढ़ी... पर आप की रचना पसंद आयी... हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें... इस लिये आप की रचना... दिनांक 22/05/2018 को पांच लिंकों का आनंद पर लिंक की गयी है... इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है। ने कहा…

जय मां हाटेशवरी...
अनेक रचनाएं पढ़ी...
पर आप की रचना पसंद आयी...
हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
इस लिये आप की रचना...
दिनांक 22/05/2018 को
पांच लिंकों का आनंद
पर लिंक की गयी है...
इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

kuldeep thakur ने कहा…

जय मां हाटेशवरी...
अनेक रचनाएं पढ़ी...
पर आप की रचना पसंद आयी...
हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
इस लिये आप की रचना...
दिनांक 22/05/2018 को
पांच लिंकों का आनंद
पर लिंक की गयी है...
इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

देश सबका है और सभी को सोचना जरूरी है ...
सार्थक सन्देश चुओया है आपकी रचना में ..

Sudha Devrani ने कहा…

बहुत सुन्दर संदेश देती रचना....
वाह!!!

Rohitas Ghorela ने कहा…

उचित बात,साफ शब्द। बेबाक रचना।

विभाजन करना ही है तो
इंसानियत का धार्मिक -कचरापेटी से करो

रेणु ने कहा…

प्रिय संजय जी -- बेहद सार्थक संदेश है रचना में | काश !फिरकापरस्त ये बात समझपाते !

Meena sharma ने कहा…

भेदभाव को मिटाकर एकजुट होने का, साथ ही गद्दारों से सावधान रहने का संदेश देती यह रचना, राष्ट्रप्रेम की उदात्त भावना को अभिव्यक्त करती है। बधाई।

Jyoti Dehliwal ने कहा…

संजय जी,राष्ट्रप्रेम का संदेश देती बहुत ही सुंदर रचना।

महेन्‍द्र वर्मा ने कहा…

अच्छा संदेश ।

Deepak Saini ने कहा…

सब नेताओ की करामात है भाइ

बहुत सुंदर संदेश देती सुंदर कविता

पल्लवी गोयल ने कहा…

बहुत सार्थक भावाभिव्यक्ति ।शुभकामनाएँ संजयजी ।

Anuradha chauhan ने कहा…

सुंदर संदेश देती रचना

Satish sahi ने कहा…

बहुत सुन्दर संदेश

Shakuntla ने कहा…

बहुत सुंदर