18 जून 2013

सुख दुःख इसी का नाम जिंदगी है :)


 ( चित्र - गूगल से साभार )

हर कोई अक्सर कहता है
मैं दुखी हूँ !
पर वो ये नहीं जानता
की दुनिया में बहुत लोग दुखी है !
हर कोई है परेशान
पर सबका अपना - अपना
नसीब है !
ये हर घर की कहानी है
हर किसी की कोई न कोई
परेशानी है !
कोई दुखी है पैसे न आने से
कोई दुखी है !
अपनी औलादों के कारनामो से
पर शायद सुख दुःख
इसी का नाम 

...............जिंदगी है !
इन्ही सब से बनती है !
जिंदगी की कहानी
....जो अलग अलग होती है !

सब की जुबानी.......!!!


@ संजय भास्कर  



64 टिप्‍पणियां:

Anupama Tripathi ने कहा…

सत्य कहा ...
सुन्दर रचना ...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

कभी धूप तो कहीं छाँह..

Kailash Sharma ने कहा…

सच में यही ज़िंदगी है...

Guzarish ने कहा…

नमस्कार
आपकी यह रचना कल बुधवार (19-06-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधार कर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य रखें |
सादर
सरिता भाटिया

संध्या शर्मा ने कहा…

सुख - दुःख का मेल ही जीवन ... सुन्दर प्रस्तुति ... शुभकामनायें

shalini rastogi ने कहा…

सही कहा संजय जी .. यही जिंदगी है ..

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

इसी का नाम जिन्दगी है,,,

बहुत उम्दा अभिव्यक्ति,सुंदर रचना,,,

RECENT POST : तड़प,

vandan gupta ने कहा…

बस इसी का नाम ज़िन्दगी है

विभा रानी श्रीवास्तव ने कहा…


खुशी हो या ग़म ,
बस मुस्कुराना चाहती हूँ ....
इस छोटी सी ज़िन्दगी के
गिले- शिकवे मिटाना चाहती हूँ ....
सब को अपना कह सकूँ ,
ऐसा ठिकाना चाहती हूँ ....
टूटे तारों से सबके लिए मांग
आज़माना चाहती हूँ ....
खुशी हो या ग़म ,
बस मुस्कुराना चाहती हूँ ....
हार्दिक शुभकामनायें

रचना दीक्षित ने कहा…

सुख और दुःख दोनों ही जीवन के अभिन्न अंग हैं. एक के बिना दुसरे की अहमियत भी पता नहीं चलती. सुंदर भाव खूबसूरत कविता.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

नानक दुखिया सब संसार.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

नानक दुखिया सब संसार.

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

सही बात ..हम हैं तो गम हैं .....गम है तो खुशियाँ ,,,,

के. सी. मईड़ा ने कहा…

आपका कहना बिल्कुल सत्य है....सुख दुख का नाम ही जिन्दगी है...

ashokkhachar56@gmail.com ने कहा…

बहुत उम्दा ..सुन्दर रचना

shashi purwar ने कहा…

बेहद सुन्दर प्रस्तुति ....!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा कल बुधवार (19 -06-2013) के तड़प जिंदगी की .....! चर्चा मंच अंक-1280 पर भी होगी!
सादर...!
शशि पुरवार

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

आज की ब्लॉग बुलेटिन आसमानी कहर... ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ...

सादर आभार !

Unknown ने कहा…

इसे ही जीवन का खेला कहते हैँ । बधाई

Tanuj arora ने कहा…

दुखों के निशानों के बगैर जिंदगी का मज़ा ही क्या????

राहुल ने कहा…

इन्ही सब से बनती है जिंदगी...

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

यही जिंदगी है

kshama ने कहा…

Pardukh sheetalam!

Unknown ने कहा…

वाकई..ज़िंदगी से से बनती है

Manjusha negi ने कहा…

इसी का नाम जिंदगी है ......बेहतरीन रचना

दिगम्बर नासवा ने कहा…

जीवन का सच कहा है ... दुख तो हर किसी को है .. पर सुख की तलाश ही रहे दुख में भी तो कितना सफल हो जाए जीवन ...

sushmaa kumarri ने कहा…

bhaut hi khubsurat panktiyaan...

रश्मि शर्मा ने कहा…

सच कहा...सबके दुख अपने होते हैं और बड़े लगते हैं।

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

जिंदगी की ये ही कहानी है

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

सुख तो किसी को बताते भी नहीं .ज़रा सा दुख पड़े तो हल्ला मचाते हैं लोग !

ओंकारनाथ मिश्र ने कहा…

बिलकुल सही कहा है.

Durga prasad mathur ने कहा…

संजय जी , सच का सामना , आपकी कविता सभी को अपनी सी लगती है, बधाई, आभार
chitranshsoul

Ankur Jain ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति।।।

RITA GUPTA ने कहा…

वो एक गीत है न.....।
दुनिया मे कितने गम हैं,मेरा गम कितना कम है।
.......औरों का गम देखा तो ,मैं अपना गम भूल चली.

Saru Singhal ने कहा…

Profound! Great poem.

PBCHATURVEDI प्रसन्नवदन चतुर्वेदी ने कहा…

वाह...सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

sumeet "satya" ने कहा…

उम्दा.........सुख की अनुभूति दुःख की वजह से ही बनी हुई है........"जिंदगी..... कैसी है पहेली हाय,............ कभी ये हंसाये,......... कभी ये रुलाये"

मेरा मन पंछी सा ने कहा…

सही कहा है आपने सर यही जिंदगी है...
सबकी अपनी अपनी कहानी है...
:-)

ज्योति-कलश ने कहा…

यथार्थ ..जीवन दर्शन !!
ज्योत्स्ना शर्मा

Dr. Shorya ने कहा…

वाह एक एक शब्द बिलकुल सत्य है , बहुत सुंदर रचना, शुभकामनाये

अनाम ने कहा…

बहुत उम्दा अभिव्यक्ति,सुंदर रचना

Darshan jangra ने कहा…

. सुन्दर प्रस्तुति

Suman ने कहा…

बिलकुल सही कहा इसी का नाम जिंदगी है !
बड़े दिनों बाद ब्लॉग पर आये भास्कर जी,आभार !

राज चौहान ने कहा…

जीवन का सच कहा है ....इसी का नाम जिंदगी है ......बेहतरीन रचना

रविकर ने कहा…

बहुत अच्छे भाई जी-
आपको सादर बधाइयां -

शिवनाथ कुमार ने कहा…

ऐसा शायद ही कोई हो जिसकी कहानी में सुख और दुःख दोनों में से कोई नहीं है
कहीं थोडा कहीं ज्यादा ....
सार्थक रचना

Simran ने कहा…

bohot hi gehrai se aapne ye kavita likhi hi..
aur sach hi kaha hai ''isis ka naam hai jindagi''

Jyoti Mishra ने कहा…

bittersweet symphony that's life :)

महेन्‍द्र वर्मा ने कहा…

पर शायद सुख दुःख
इसी का नाम
...............जिंदगी है !
इन्ही सब से बनती है !
जिंदगी की कहानी
....जो अलग अलग होती है !

यथार्थ से रू-ब-रू कराती कविता ।

वसुन्धरा पाण्डेय ने कहा…

बहुत उम्दा...

वसुन्धरा पाण्डेय ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.
Unknown ने कहा…

इसी का नाम
...............जिंदगी है !
इन्ही सब से बनती है !
जिंदगी की कहानी
....जो अलग अलग होती है !
सब की जुबानी.......!!!
आपने ज़िन्दगी को बड़ी खूबसूरती और सिद्दत से याद किया है लाजवाब

Darshan jangra ने कहा…

सुन्दर रचना

अनाम ने कहा…

बहुत उम्दा ,सुंदर रचना

Aditya Tikku ने कहा…

badiya

सुनीता अग्रवाल "नेह" ने कहा…

satayam shivam sundaram :)

Asha Joglekar ने कहा…

दुनिया में कितना गम है मेरा गम कितना कम है ।

Satish Saxena ने कहा…

यही जिन्दगी है ...
शुभकामनायें !

Madan Mohan Saxena ने कहा…

बहुत सुंदर.सटीक.बधाई!

कौशल लाल ने कहा…

बहुत उम्दा

parul ने कहा…

बहुत खूब लिखा ज़िन्दगी के बारे में..

अनुपमा पाठक ने कहा…

सुख दुःख लगा ही रहता है...!

सदा ने कहा…

बिल्‍कुल सही कहा .... बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति

Unknown ने कहा…

कहानी अलग- अलग हैं सबका अंत एक ही हैं
http://savanxxx.blogspot.in

Unknown ने कहा…

सच कहा...सबके दुख अपने होते हैं और बड़े लगते हैं।