09 अप्रैल 2010

एक सवाल..........

एक सवाल बाप ने अपनी बेटी को गिफ्ट देकर बोला ,

भूख लगे तो खा लेना ,

प्यास लगे तो पी लेना   ,

और सर्दी लगे तो जला लेना ,

बताओ क्या था गिफ्ट ,
एक दोस्त ने मुझसे पुछा है , मै तो नहीं बता पाया 
सोचा अपने ब्लोगेर्स मित्रो से ही क्या न पूंछ लू  |
आदरणीय मित्रो जरूर बताये...........
 
 

08 अप्रैल 2010

यौन शोषण के खिलाफ आचार संहिता शुरू


भारत की सांस्कृतिक पहचान को सेक्स पर्यटन के कलंक से बचाए रखने के लिए सरकार ने आचार संहिता तय कर ली है, जिसके तहत होटलों से लेकर टूर आपरेटरों और एयरलाइनों के निदेशकों से लेकर कर्मचारियों तक पर जिम्मेदारी होगी। राज्यों से मशविरे के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया गया है।
माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन, यानी आठ मार्च से शुरू  हो चुकी है  
गोवा, उड़ीसा व आंध्र प्रदेश समेत दूसरे भारतीय पर्यटन स्थलों पर सेक्स पर्यटन व बाल यौन शोषण के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब हो रही देश की छवि से परेशान सरकार ने जिम्मेदारी तय करने का प्रारूप तैयार किया है।
अंतराराष्ट्रीय संस्थाओं के अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग से विचार-विमर्श के बाद 'सेफ एंड आनरेबल टूरिज्म' के लिए आचार संहिता बना ली है। राज्यों के साथ साथ पर्यटन से जुड़े सभी क्षेत्रों से भी मशविरा किया जा चुका है।
  बड़ी संख्या में पर्यटकों की यौन लोलुपता का शिकार हो रहे हैं।
गौरतलब है कि आचार संहिता के जरिए न सिर्फ इसकी रोकथाम के प्रति जागरूकता लाई जाएगी बल्कि निगरानी करने वाली स्टीयरिंग कमेटी को रिपोर्ट भी देनी होगी। यानी पर्यटन स्थलों की छवि बिगड़ी तो उनकी छवि भी नहीं बचेगी जो या तो अपने फायदे के लिए इसे बढ़ावा दे रहे या नजरअंदाज कर रहे हैं।

06 अप्रैल 2010

हकदार नहीं इस सम्मान का

हकदार नहीं इस सम्मान का

दे दिया जितना तूने

पत्थर को जिंदा बतलाकर

बड़ा अहसान किया तूने

दोस्तों से सिर्फ पहचान मेरी

नहीं मुझे कोई आसमां छूने


---मलखान सिंह आमीन




(संजय जी द्वारा अपने ब्लॉग पर मेरा परिचय करवाने पर कुछ पंक्तियाँ मेरी तरफ से)

05 अप्रैल 2010

मिलिए हमारे मित्र दफा -512 और दुनाली वाले मलखान सिंह ( आमीन )

आज मैं आप सभी को एक अपने साथी दोस्त से मिलवा रहा हूँ 
जिन्होंने मेरा काफी साथ दिया ये मेरा दोस्त मेरा हमसाया है
 मिलिए हमारे मित्र 
 दफा -512 और दुनाली वाले
मलखान सिंह  ( आमीन  )
Copy Editor 
HT Media Limited 
Mohali (Punjab)
मलखान सिंह मेरे सबसे करीबी मित्रो में से एक है 
बहुत  ही नेक दिल इंसान है मलखान सिंह 
वो मित्र कम भाई ज्यादा है
मुझे ब्लॉगिंग से जोडऩे का श्रेय मैं अपने मित्र मलखान सिंह  (आमीन) को देना चाहूंगा। 

......संजय भास्कर..... 




04 अप्रैल 2010

इस देश में अतंकवादियो क्या है तुम्हारा



इस देश में अतंकवादियो क्या है तुम्हारा ,
यहाँ  से चले जाओ अब ये देश हमारा है |
सुला देंगे हम तुम्हे नींद सुकून की ,
तुम्हे खत्म  करना ही हमारा नारा है |
हमारे दिल के भाई को तुम्हारे दिल में बसा देंगे ,
तुम्हे ही क्या हम तुम्हारी हस्ती को मिटा देंगे |
बहुत दिने से सह रहे है यातनाए तुम्हारी ,
इस देश की भूमि पर पाँव रखते ही मिटा देंगे |
तुम्हारे दिए हुए दुखो को हम खुशियो से भुला देंगे ,
अब हम अपने देश के  जख्मो पर मरहम लगा देंगे |
उन मासूमो का खून बहाने वालो को हम टोक देंगे ,
हमारे दुस्मानो को हम सरहद के पार ही रूक देंगे |

.......संजय भास्कर........