दोस्त को भुलाना गलत बात है ,
दोस्ती न निभाना भी गलत बात है ,
दोस्ती में दिल दुखाना भी गलत बात है ,
दोस्ती का तो जिंदगी भर साथ है
अगर भूल गए तो सिर्फ खली है
अगर साथ रहे तो ज़माना कहेगा क्या बात है |
| हकदार नहीं इस सम्मान का |
| दे दिया जितना तूने |
| पत्थर को जिंदा बतलाकर |
| बड़ा अहसान किया तूने |
| दोस्तों से सिर्फ पहचान मेरी |
| नहीं मुझे कोई आसमां छूने |
| ---मलखान सिंह आमीन |
| (संजय जी द्वारा अपने ब्लॉग पर मेरा परिचय करवाने पर कुछ पंक्तियाँ मेरी तरफ से) |