25 अप्रैल 2017

..... घर के बड़े बुजुर्ग :)


घर के बड़े बुजुर्ग
जो बाँटना चाहते है अपनी
उम्र का अनुभव
अपने बच्चो अपने पोते पोतियों के साथ
समझाना चाहते है उन्हें
दुनियादारी के तौर तरीके
पर आज की पीढ़ी नहीं लेना चाहती
उनके अनुभव व विचार
जो सिर्फ अपनी ही चलाना चाहते है
लेकिन हमारे पढ़े लिखे होने से दुनियादारी
नहीं चलती
अनुभव का होना बहुत
ज़रूरी है
जब तक बड़े बुजुर्ग रहते है हमारी दुनिया में
तब तक हम उनकी अहमियत
नहीं समझते
लेकिन जब वो चले जाते है इस दुनिया से
और तब कोई गलती हो जाती है
तब याद आता है
कि घर में कोई बड़ा बुजुर्ग होता तो
शायद ये न होता  !!


- संजय भास्कर


23 टिप्‍पणियां:

sweta sinha ने कहा…

जी,बिल्कुल बुजुर्ग हमारी जड़े है उनकी शाखों पर उगे हम सब है।
सुंदर संदेशा देती आपकी रचना संजय जी👌

Arun Roy ने कहा…

बढ़िया कविता भाई। काफी दिनों बाद आपको देखा है। शुभकामना।

Digamber Naswa ने कहा…

कहना वाजिब है ... बुज़ुर्गों के जीवन का अनुभव सदा व्यावहारिक बनता है ... कठिनाई सहने की ताक़त देता है ... आज की पीडी जल्दी ही इस बात को समझेगी ...

Dilbag Virk ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 27-04-2017 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2624 में दिया जाएगा
धन्यवाद

HARSHVARDHAN ने कहा…

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 97वीं पुण्यतिथि - श्रीनिवास अयंगर रामानुजन और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

Anita ने कहा…

सही कहा है, बुजुर्गों की सलाह सदा ही सुननी चाहिए..

Kavita Rawat ने कहा…

काश! कि आज के पीढ़ी समझ पाती
समय रहते जिसकी क़द्र नहीं होती उसके चले जाने के बाद समय भी उसकी क़द्र नहीं करता

बहुत अच्छी प्रेरक रचना

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

फिर पछताये होत का ...

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर।

Sudha Devrani ने कहा…

बिल्कुल सही कहा बडे बुजुर्ग अपने जीवन के अनुभव से हमें सिखाना चाहते हैं परन्तु ...
हां बाद में सभी को अहमियत समझ आती है...

Onkar ने कहा…

सही कहा आपने

GYANDUTT PANDEY ने कहा…

बुजुर्ग कोने में कगरियाये लोग हैं। उन्हे यह समझ लेना चाहिये कि बुढ़ापा उन्हे अपने बूते पर काटना है। उसी अनुसार उन्हे अपना बुढ़ापा प्लान करना चाहिये। कुटुम्ब के भरोसे नहीं।

mahendra verma ने कहा…

जीने की राह तो बड़े-बुजुर्ग ही दिखाते हैं । प्रेरक पंक्तियां ।

Saru Singhal ने कहा…

Grandparents pass their wisdom and love. They complete a family. Beautiful poem.

Jamshed Azmi ने कहा…

बुजुर्गों को स‍मर्पित बहुत ही शानदार रचना की प्रस्तुति अंदर तक झकझोर देती है आपकी रचना। घर के बुजुर्गों का आ‍र्शीवाद सदैव बना रहे, हमे सदा ऐसी कोशिश करते रहना चाहिए।

प्रभात ने कहा…

sahi baat !!

Ritu Asooja Rishikesh ने कहा…

बिल्कुल सत्य बड़े बुजर्ग हमसे अपने जीवन के अनुभव बांटना चाहते हैं ,जो आने वाली पीढ़ी के लिए सही मार्गदर्शके होते है ।

Meena Bhardwaj ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव हैं आपकी रचना में .

vibha rani Shrivastava ने कहा…


आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 08 जुलाई 2017 को लिंक की जाएगी ....
http://halchalwith5links.blogspot.in
पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!


Sudha Devrani ने कहा…

बहुत सुन्दर ....
सार्थक...

Ravindra Singh Yadav ने कहा…

यथार्थपरक विचारणीय रचना।

Meena Sharma ने कहा…

वृद्धों का घर में होना घनी शीतल छाँव का अहसास कराता है । उनके जाने के बाद ही उनका महत्त्व समझ आता है सबको !

Gopesh Jaswal ने कहा…

बुजुर्गों की अहमियत हम तब समझ पाते हैं जन हमारे बुज़ुर्ग हमसे बिछड़ जाते हैं या फिर हम खुद बुज़ुर्ग हो जाते हैं.