25 अप्रैल 2017

..... घर के बड़े बुजुर्ग :)


घर के बड़े बुजुर्ग
जो बाँटना चाहते है अपनी
उम्र का अनुभव
अपने बच्चो अपने पोते पोतियों के साथ
समझाना चाहते है उन्हें
दुनियादारी के तौर तरीके
पर आज की पीढ़ी नहीं लेना चाहती
उनके अनुभव व विचार
जो सिर्फ अपनी ही चलाना चाहते है
लेकिन हमारे पढ़े लिखे होने से दुनियादारी
नहीं चलती
अनुभव का होना बहुत
ज़रूरी है
जब तक बड़े बुजुर्ग रहते है हमारी दुनिया में
तब तक हम उनकी अहमियत
नहीं समझते
लेकिन जब वो चले जाते है इस दुनिया से
और तब कोई गलती हो जाती है
तब याद आता है
कि घर में कोई बड़ा बुजुर्ग होता तो
शायद ये न होता  !!


- संजय भास्कर


23 फ़रवरी 2017

लंबे अंतराल के बाद - कहीं तुम वो तो नहीं

ब्लॉगजगत के सभी साथियों को मेरा नमस्कार काफी दिनों से व्यस्त होने के कारण ब्लॉगजगत से दूर था करीब तीन महीने के पश्चात वापिस आना हो पा रहा है इस बीच कई बार पारिवारिक परेशानियां और स्वास्थ्य में उतार चढाव होते रहे पर एक बार पुनः वापसी के तैयार हूँ  एक लंबे अंतराल के बाद और उम्मीद करता हूँ आप सभी का इस पटल  निरंतर आगमन होगा..... वापसी एक पुरानी कविता से उम्मीद है पसंद आये !!



रोज़ सुबह उठते हुए
अकसर कुछ खो जाता है
कभी अधूरे सपने तो कभी उनका मज़मून.
'क्या देखा था.. कौन-कौन मिले थे'
..प्रश्न थोड़ी-थोड़ी देर में कौंधते हैं.
वैसे ही बचपन में साथ पढ़े
जब चेहरा बदलकर बीस-तीस वर्ष बाद मिलते हैं.
तो कुछ खो सा जाता हूँ...
'कहीं तुम वो तो नहीं', 'तुम्हें कहाँ देखा है' जैसे प्रश्न मन में अनायास घुस आते हैं.

-- संजय भास्कर


04 नवंबर 2016

एक ऐसा खलनायक जो फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा याद रखे जाएंगे अमरीश पुरी

भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर खलनायकों में से एक स्व अमरीश पुरी
हिन्दी सिनेमा में हर खलनायक की अपनी स्टाइल रही है और वह उसी स्टाइल की बदौलत दर्शकों के दिलो-दिमाग पर तब तक राज करता रहा, जब तक कि नए विलेन ने आकर अपनी लम्बी लकीर नहीं खींच दी। बॉलीवुड फिल्मों में कुछ ही ऐसे खलनायक हुए हैं जो फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा याद रखे जाएंगे। भले ही कुछ अभिनेता आज हमारे बीच में नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में और फेमस हुए डॉयलाग हमेशा उनकी याद ताजा करते है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जब भी किसी खलनायक का नाम लिया जाएगा तो के.एन.सिंह, प्रेमनाथ, प्राण, अमजद खान और अमरीश पुरी जैसे अभिनेता हमेशा याद आएंगे। आज इन खलनायक में से लंबा चौड़ा कद, रौबदार आवाज, डरावने गेटअप और दमदार शख्सियत के जरिए सालों तक फ़िल्म प्रेमियों के दिल डर पैदा करने वाले अभिनेता अमरीश पुरी है
के.एन.सिंह, प्रेमनाथ, प्राण, अमजद खान से शुरू होकर यह सिलसिला अमरीश पुरी पर आकर ठहर गया। भारतीय सिनेमा में चोटी के खलनायकों की लिस्ट में सबसे ऊपर रहे मशहूर अभिनेता अमरीश पुरी का फेमस डायलॉग ‘मोगैंबो खुश हुआ’ आज भी लोगों की जुबान पर है. अमूमन दर्शक खलनायक से नफरत करता है लेकिन अमरीश पुरी एक ऐसे खलनायक थे जिन्हें दर्शकों ने अपने दिल में बसाया... अमरीश ने एक से बढ़कर एक निगेटिव रोल किए लेकिन दर्शकों ने कभी उनसे नफरत नहीं की
अमरीश पुरी अपनी ऊंची-पूरी कद-काठी और बुलंद आवाज के बल पर सबसे आगे निकल गए। उनकी गोल-गोल घूमती हुई आंखें सामने खड़े व्यक्ति के भीतर दहशत पैदा कर देती थी।
'मिस्टर इंडिया' का 'मोगैम्बो' हो या ग़दर का 'अशरफ़ अली', अमरीश पुरी ने पर्दे पर खलनायकों की जो पहचान छोड़ी है, उसकी बराबरी शायद कभी कोई नायक न कर पाये. अमरीश पुरी एक ऐसे अभिनेता थे, जो अपने रोल में पूरी तरह डूब कर एक्टिंग किया करते थे. चाहे वो समानांतर सिनेमा का दौर रहा हो या सिनेमा के वैश्वीकरण का, अमरीश पुरी की एक्टिंग हर दौर और किरदार के हिसाब से बदलती रही.
एक खलनायक के रूप में अमरीश की हमेशा प्रशंसा हुई. अमरीश ने अपने फिल्मी सफर में करीब 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. अमरीश ने बॉलीवुड और हॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी नकारात्मक भूमिका से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई
निसंदेह अमरीश पूरी जी हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता थे आज भी फिल्मों मे उनकी कमी खलती है |
ऐसे महान अभिनेता तो मेरा सलाम

-- संजय भास्कर