22 जुलाई 2013

........ हादसों के शहर में :))

 ( चित्र - गूगल से साभार )
हादसों के शहर में ,
सबकी खबर रखिए !
कोई रखे न रखे ,
आप जरूर रखिए !
इस दौर में 
वफा कि बातें ,
यक़ीनन सिरफिरा है कोई ,
उस पर नजर रखिए !
चेहरों को पढने का हुनर ,
खूब दुनिया को आता है !
राज कोई भी हो ,
दिल में छुपा कर रखिए !
नजदीकी दोस्तों की भी 
नहीं है इतनी अच्छी ,
रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये..........!!!


@ संजय भास्कर  

 

74 टिप्‍पणियां:

kunwarji's ने कहा…

Kisi haseen haadse ka shikaar yaar lgta hai..
Kisi pe baaki kuchh iska udhaar lagta hai...

उपासना सियाग ने कहा…

bahut sahi baat ki aapne ....

Rajesh Kumari ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति हार्दिक बधाई

रीता गुप्ता ने कहा…

Achchi rachna,badhai.

GYANDUTT PANDEY ने कहा…

कॉण्ट्रेरियन व्यू:
फासला कितना भी हो, रिश्ते बना कर रखिये!

Amit mishra ने कहा…

बहुतखूबसूरत रचनाबधाई स्वीकार करें ।

Pallavi saxena ने कहा…

वर्तमान स्थिति का आईना दिखती पोस्ट...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सच कहा, या फैसला हो जाये या फासला।

Manish Kumar Khedawat ने कहा…

इस दौर में
वफा कि बातें ,
यक़ीनन सिरफिरा है कोई !!

बहुत ख़ूब :)

Manjusha pandey ने कहा…

वाह बहुत खूब .......बेहतरीन

दिगम्बर नासवा ने कहा…

नजदीकी दोस्तों की भी
नहीं है इतनी अच्छी ,
रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये ...

क्या बात है .. संजय जी लाजवाब ... आज का सच तो यही कहता है .. दूरी बनाए रखिये की कुछ अपनी हैसियत भी रहे ...

HARSHVARDHAN ने कहा…

सुन्दर रचना।।

नये लेख : जन्म दिवस : मुकेश

आखिर किसने कराया कुतुबमीनार का निर्माण?

Maheshwari kaneri ने कहा…

हादसों के शहर में ,
सबकी खबर रखिए !
कोई रखे न रखे ,
आप जरूर रखिए !...वाह बहुत बढिया..सुन्दर प्रस्तुति....

Ranjana Verma ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Ranjana Verma ने कहा…

बहुत सही कहा.... बहुत खुबसूरत !!

Ranjana Verma ने कहा…

बहुत सही कहा.... बहुत खुबसूरत !!

vibha rani Shrivastava ने कहा…

नवीन अनुभूति
हार्दिक शुभकामनायें .....

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन जानिए क्या कहती है आप की प्रोफ़ाइल फोटो - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

kshama ने कहा…

रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये..........!!!
Kya patekee baat kahee hai!

संध्या शर्मा ने कहा…

सही बात कही हादसों के शहर में फ़ासला बनाये रखना बहुत जरुरी है...बढ़िया प्रस्तुति... बधाई

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

सही सलाह और गहरे भाव ....

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

नजदीकी दोस्तों की भी
नहीं है इतनी अच्छी ,
रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये..........!!!

वाह क्या लाजवाब बात कही है बहुत जोरदार.

रामराम.

Kaushal Lal ने कहा…

बहुत सही , बढ़िया प्रस्तुति

Rahul ने कहा…

Veru nice sanjay ji... "Fasle bana ke rakhiye..."

Ashok Khachar ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति हार्दिक बधाई

Ashok Khachar ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति हार्दिक बधाई

Saru Singhal ने कहा…

Yes, you are right. We have to be cautious in such a world.

कालीपद प्रसाद ने कहा…


सही है रिश्तों कुछ फासला होना चाहिए
latest दिल के टुकड़े
latest post क्या अर्पण करूँ !

expression ने कहा…

सारी नसीहतें दर्ज़ कर लीं...

बहुत बढ़िया ग़ज़ल..

अनु

shorya Malik ने कहा…

बहुत सुंदर,




यहाँ भी पधारे
गुरु को समर्पित
http://shoryamalik.blogspot.in/2013/07/blog-post_22.html

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आज के दौर की सही दिशा देती अच्छी रचना

Ashok Saluja ने कहा…

भास्कर भाई ने बात की याद रखने की ...
बस इस याद को दिल में बसाये रखिये !
आभार!

kavita verma ने कहा…

behtareen prastuti..

Rachana ने कहा…

नजदीकी दोस्तों की भी
नहीं है इतनी अच्छी ,
रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये..........!!!
sahi kaha aapne
badhai
rachana

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

थोड़ा अवकाश और अपनी-अपनी निजता हर रिश्ते को सहज बनाए रखती है -आपकी बात बिलकुल सही है !

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति

राजीव रंजन गिरि ने कहा…

वाह संजय जी, मंत्रमुग्ध कर दिया आपने।
बधाई स्वीकार करें ...

yashoda agrawal ने कहा…

आपने लिखा....
हमने पढ़ा....
और लोग भी पढ़ें;
इसलिए बुधवार 24/07/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in ....पर लिंक की जाएगी.
आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
लिंक में आपका स्वागत है .
धन्यवाद!

Kailash Sharma ने कहा…

रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये..........!!!

...वाह! बिल्कुल सच...

Anita ने कहा…

रिश्तों में फासले तो वैसे ही बढ़ते जा रहे हैं..इंटरनेट के इस युग में..

Veena Srivastava ने कहा…

बहुत बढ़िया संजय जी...

के. सी. मईड़ा ने कहा…

बहुत बेहतरीन अहतियात भरी रचना... पढ़कर अच्छा लगा...

के. सी. मईड़ा ने कहा…

बहुत बेहतरीन अहतियात भरी रचना... पढ़कर अच्छा लगा...

Ramakant Singh ने कहा…

इस दौर में
वफा कि बातें ,
यक़ीनन सिरफिरा है कोई ,

behatarin sanjay babu BADHAI

Rahul... ने कहा…

एकदम पते की बात कही है आपने संजयजी.....बढ़िया पोस्ट....

Madan Mohan saxena ने कहा…

वाह . बहुत उम्दा,

parul chandra ने कहा…

शुक्रिया जनाब...

अच्छी रचना !

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

वाह बहुत खूब ...

Ankur Jain ने कहा…

इस दौर में
वफा कि बातें ,
यक़ीनन सिरफिरा है कोई ,
उस पर नजर रखिए !
चेहरों को पढने का हुनर ,
खूब दुनिया को आता है !
राज कोई भी हो ,
दिल में छुपा कर रखिए !

लाजवाब प्रस्तुति संजय जी....आपके ब्लॉग में शब्द महज मुस्कुराते नहीं बल्कि खिलखिलाकर हंसते हैं अपने सर्वोत्तम प्रयोग किये जाने पे...

Simran ने कहा…

sach hi kaha hai aapne...
bohot sunder!

ajay yadav ने कहा…

वाह -वाह खूबसूरत |
बहुत गजब लिखा आपने |
बधाई

निवेदिता श्रीवास्तव ने कहा…

लाजवाब ......

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये....BILKUL SAHI ....PHASLA JARURI HAI ....

Chetan yamger ने कहा…

kya baat hai..very well said..nice poems..i love your blog...

Chetan yamger ने कहा…

http://eknazariyaa.blogspot.in/

Please review it...give me your suggestion....

आशा जोगळेकर ने कहा…

फासला बना कर रखिये ।
सही हिजायत और जोरदार रचना ।

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

khubsurat bhaw.. behtareen...

शिवनाथ कुमार ने कहा…

वाह, बहुत खूब
लाजवाब :)

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

नजदीकी दोस्तों की भी
नहीं है इतनी अच्छी ,
रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये .

सुंदर संजय जी...........

सतीश सक्सेना ने कहा…

रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये

अब तो यही सही लगता है !!

Reena Maurya ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन बाते...
लाजवाब रचना...
रिश्ता कोई भी हो फासले बनाकर रखिये...
:-)

Bharat Bhushan ने कहा…

भई वाह...ज़माने के साथ कदम चलाती कविता.

mark rai ने कहा…

दिल में छुपा कर रखिए !
नजदीकी दोस्तों की भी
नहीं है इतनी अच्छी ,
रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये....... बहुत खूब.

निहार रंजन ने कहा…

अति सुन्दर.

तुषार राज रस्तोगी ने कहा…

लाजवाब

Bharat Bhushan ने कहा…

नए दौर और नए तेवर की कविता. बहुत खूब.

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

बहुत ही प्रभावी रचना, स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ.
आदरणीय संजय जी जय श्री राधे
भ्रमर ५

Ankur Jain ने कहा…

सही कहा..हादसों से बचने के लिये फासले बेहद आवश्यक हैं..और रिश्तों से मिले हादसे बड़े ही भयंकर होते हैं...

सदा ने कहा…

रिश्ता कोई भी हो ,
फासले बना कर रखिये....
वाह ... बेहतरीन

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

राज कोई भी हो ,
दिल में छुपा कर रखिए !waah bahut achhi-acchi sikhen ik sath ....excellent ...

अनुपमा पाठक ने कहा…

सुन्दर रचना! नेक बातें!

Sneha Gupta ने कहा…

फासले रखिये! वाह बहुत खूब!

अभिषेक कुमार झा अभी ने कहा…

.
बेहद सुन्दर शब्द
और
लाज़वाब संरचना भी
बधाई

Nirmal Singh ने कहा…

हादसों के शहर में ,
सबकी खबर रखिए !
कोई रखे न रखे ,
आप जरूर रखिए !...वाह बहुत बढिया..सुन्दर प्रस्तुति....