16 फ़रवरी 2010

सबसे ज्यादा प्यार करते है |



चाहते जो हद से ज्यादा किसी को ,
वही तो सबसे ज्यादा तकरार करते है ,
करो न फिकर अगर वो नाराज हो जाये ,
नाराज होते है वही ,
जो सबसे ज्यादा प्यार करते है |

संजय भास्कर

18 टिप्‍पणियां:

रश्मि प्रभा... ने कहा…

sach hai,
karo fikar
warna kho doge

दिगम्बर नासवा ने कहा…

शायद इसी को प्यार कहते हैं ... नाराज़गी भी तो अपनो से ही होती है ...

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत ही बढ़िया रचना . आभार

परमजीत सिहँ बाली ने कहा…

vaah!!बहुत बढ़िया मुक्तक है।बधाई।

Dev ने कहा…

बिलकुल सही कहा आपने ...

Alpana Verma ने कहा…

:)kya kahen?

डॉ टी एस दराल ने कहा…

सही फ़रमाया ।
इसी नाराज़गी में प्यार छुपा रहता है।

ज्योति सिंह ने कहा…

anubhav badhaye rahe jeevan me ,sach hi hai .

रानीविशाल ने कहा…

Bahut bhadiya ...narajagi ka bada pyara sa bahana de diya ji aapane bhi :)
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

कडुवासच ने कहा…

....बहुत खूब ....छा गये...बेहतरीन रचना "शार्ट-स्वीट" !!!

EKTA ने कहा…

you are absolutely rite.....
naaraj hone ka ha hi unko hota hai jo pyar karte hain

Urmi ने कहा…

वाह क्या बात है! बहुत खूब लिखा है आपने!

Roshani ने कहा…

bahut badiya..kya baat hai?

Khare A ने कहा…

sach kaha bahskar sahib
bahut khoob
likhte rahiye

किरण राजपुरोहित नितिला ने कहा…

बहुत सही कहा सा आपने !

Unknown ने कहा…

.kya baat hai ati sunder...

राज चौहान ने कहा…

बिलकुल सही कहा आपने ...

Unknown ने कहा…

Bahut bhadiya ...narajagi ka bada pyara sa bahana de diya ji aapane bhi :)