28 जनवरी 2014

.......परिंदों को भी उड़ा देते हैं लोग :))


खुल के दिल से मिलो तो सजा देते हैं लोग
सच्चे जज़्बात भी ठुकरा देते हैं लोग
क्या देखेंगे दो लोगों का मिलना
बैठे हुए दो परिंदों को भी उड़ा देते हैं लोग !


ये पंक्तियाँ मझे SMS में मिली, अच्छी लगी तो ब्लॉग पर आप सब से साँझा कर लीं !


-- संजय भास्कर 


34 टिप्‍पणियां:

राज चौहान ने कहा…

बेहद खूबसूरत और एकदम सही बात लिखी गई है...!!

राज चौहान ने कहा…

संजय जी ..बड़ा अच्छा किया आपने जो इन पंक्तियों को हमारे साथ बाँट लिया.
इसके लिए आपको आभार

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

वाह, बहुत ही सुन्दर

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुंदर !

सुशील कुमार जोशी ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Lalit Chahar ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति...

आपका मैं अपने ब्लॉग ललित वाणी पर हार्दिक स्वागत करता हूँ मैंने भी एक ब्लॉग बनाया है मैं चाहता हूँ आप मेरा ब्लॉग पर एक बार आकर सुझाव अवश्य दें...

Maheshwari kaneri ने कहा…

ऐसे ही होते हैं लोग...

मनोज जायसवाल ने कहा…

वाह, बहुत ही सुन्दर संजय जी।

राजेंद्र कुमार ने कहा…

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, आभार आपका।

हिमकर श्याम ने कहा…

सुंदर और सार्थक प्रस्तुति. शुक्रिया इसे साझा करने के लिये.

Kaushal Lal ने कहा…

बहुत सुन्दर.....

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर और सटीक...

parul chandra ने कहा…

सुन्दर पंक्तियां

आशीष भाई ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
आशीष भाई ने कहा…

गज़ब भाई जी , इस वक़्त कुछ कुछ ऐसा हि बीत रहा है मेरे साथ , इन पंक्तियों में बहुत कुछ है , धन्यवाद
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vibha rani Shrivastava ने कहा…

प्यार की परिभाषा बताओ उन्हें जो दो परिंदो को उड़ा देते हैं

expression ने कहा…

:-) सुन्दर पंक्तियाँ है....

अनु

sushma 'आहुति' ने कहा…

भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने...

जितेंद्र सिंह राना ने कहा…

बहुत अच्छा कहा गया है


आप सभी लोगो का मैं अपने ब्लॉग पर स्वागत करता हूँ मैंने भी एक ब्लॉग बनाया है मैं चाहता हूँ आप सभी मेरा ब्लॉग पर एक बार आकर सुझाव अवश्य दें
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संध्या शर्मा ने कहा…

सुन्दर पंक्तियां...

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

bahut sundar panktiya .....thanks ....

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

वाह बहुत खूब .....और सही भी है

ज्योति-कलश ने कहा…

बहुत खूब ....

सुधाकल्प ने कहा…

मर्म भेदी पंक्तियाँ।

आशा जोगळेकर ने कहा…

जितनी सुंदर पंक्तियाँ उतना ही सुंदर चित्र। कैसे कोई इतना निर्मम हो सकता है।

शिवनाथ कुमार ने कहा…

वाकई बहुत सही
बढ़िया !

Digamber Naswa ने कहा…

बहुत ही लाजवाब बंध है ... सच है की छोटी छोटी खुशियाँ नहीं दे पाते हैं कुछ लोग ...

आशा बिष्ट ने कहा…

खूबसूरत..

सदा ने कहा…

वाह .... बहुत खूब

Sameer Mahajan ने कहा…

Sundar

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Saru Singhal ने कहा…

Behad sundar. :)

देवदत्त प्रसून ने कहा…

बहुत अच्छी रचना है ! बिलकुल सटीक !!

अभिषेक कुमार अभी ने कहा…

बहुत खूब बहुत ही लाज़वाब अभिव्यक्ति आपकी। बधाई

एक नज़र :- हालात-ए-बयाँ: ''मार डाला हमें जग हँसाई ने''