20 अगस्त 2010

मोमैक्स का मॉडर्न अंधविश्वास, वाह

किस्सा मोमैक्स का है। मोमैक्स एक पढ़ा-लिखा बेरोजगार है। बेरोजगार है तो जाहिर है कि किसी की भी बात पर विश्वास करने के अलावा उसके पास दूसरा कोई चारा भी नहीं। खासकर ‘‘अंधविश्वासों’’ पर। अंधविश्वासों को इन्वरटिड कोमा में इसलिए बंद किया क्योंकि यहां अंधविश्वास से मेरा मतलब मॉडर्न अंधविश्वास से है। जी हां, मैं पिछले कुछ समय से इस बात पर गौर कर रहा हूं कि आजकल मॉडर्न अंधविश्वास का काफी बोलबाला है।
अंधविश्वास से तो सबलोग रूबरू हैं, इसलिए इस बारे में ज्यादा लंबी बात न ही की जाए तो बेहतर है। वैसे भी आजकल के मॉडर्न पाठक जलेबी की तरह घुमा-फिरा के बात करने वालों को मुंह नहीं लगाते। सीधा चलते हैं मॉडर्न अंधविश्वास पर।......

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