05 मार्च 2010

radhe radhe......!!!

 

radhe radhe!!!
अखियाँ श्याम मिलन की प्यासी,
आप तो जाय द्वारिका छाए,
लोग करत तेरी हांसी,
आम्ब की डारि कोयल बोले,
बोलत साबत उदासी,
मेरे तो मन मैं ऐसी आवत है,
करवट लूं जाय काशी,
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर,
चरण कमल की दासी,
-----मीरा बाई