28 दिसंबर 2009

एक दिन ही की तो बात थी





मैं उनसे कुछ कह न सका

एक दिल की ही तो बात थी

चंद पल बिता न सके वो मेरे संग

एक दिन ही की तो बात थी

दुख तो आज हो रहा है यारो

जो वो जनाजे में भी न आए

आखिर एक दिन ही तो बात थी



हमारे मित्र आमीन के ब्लॉग से ये कुछ पंक्तियाँ....