शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
12 अप्रैल 2022
......बेटी के घर से लौटना :)
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चन्द्रकान्त देवताले जी एक कविता बेटी के घर से लौटना साँझा कर रहा हूँ !! बहुत जरूरी है पहुँचना सामान बाँधते बमुश्किल कहते पिता बेटी जिद...
10 टिप्पणियां:
31 मार्च 2022
तभी तो ख़ामोश रहता है आईना :)
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सभी साथियों को नमस्कार कुछ दिनों से व्यस्ताएं बहुत बढ़ गई है इन्ही कारणों से ब्लॉग को समय नहीं दे पा रहा हूँ...आज सभी के समक्ष पुन: उपस्थित ह...
8 टिप्पणियां:
20 फ़रवरी 2022
बेटियाँ जानती हैं उनके जन्म के बाद नहीं बजेगी थाली:)
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सभी साथियों को मेरा नमस्कार कई दिनों के बाद आप सभी के समक्ष पुन: उपस्थित हूँ पल्लवी विनोद दी की ... रचना की पंक्तियाँ आज साँझा कर रहा हूँ उ...
9 टिप्पणियां:
18 जनवरी 2022
......तुमको छोड़ कर सब कुछ लिखूंगा :)
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कोरा कागज़ और कलम शीशी में है कुछ स्याही की बूंदे जिन्हे लेकर आज बरसो बाद बैठा हूँ फिर से कुछ पुरानी यादें लिखने जि...
27 टिप्पणियां:
20 अक्टूबर 2021
......तुम कभी नही आओगी माँ :)
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ये मैं अच्छी तरह से जानता हूँ माँ तुम कभी नही आओगी फिर भी मैं तुम्हारी प्रतिक्षा करता रहूँगा कि तुम मेरी दुनिया मे कब वापस लौट कर आओगी...
21 टिप्पणियां:
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