शब्दों की मुस्कुराहट :)

जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)

06 जुलाई 2018

.... ज़िंदादिल :)

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( चित्र गूगल से साभार  ) उस आदमी से मैं रोज़ मिलता हूँ  उसकी सुनता हूँ  अपनी बताता हूँ  परिवार में सब ठीक है  और आगे निकल जात...
15 टिप्‍पणियां:
06 जून 2018

माँ के हाथों की बनी रोटियां :)

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( चित्र गूगल से साभार  ) रोजगार की तलाश में  घर से बहुत दूर बसे लोग  ऊब जाते है जब  खाकर होटलो का बना खाना  तब अक्सर ढूंढते ...
12 टिप्‍पणियां:
19 मई 2018

देश सबका है :)

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                                                               ( चित्र गूगल से साभार  ) बीज बो गए विषमता के  आज यहाँ सापों की खेती...
18 टिप्‍पणियां:
28 अप्रैल 2018

ऐसी है वो मजदूर औरत :)

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( चित्र गूगल से साभार  ) सड़क के किनारे पर बैठी  वह मजदूर औरत  जिसे मैं जब भी देखता हूँ  हमेशा ही उसे पत्थरों जो के बीच घिरा प...
11 टिप्‍पणियां:
16 अप्रैल 2018

माँ तुम्हारी बहुत याद आ रही है :)

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माँ- श्रीमति प्रेम लता भास्कर  (९ अप्रैल २००८ ) १० बरस यूँ बीत गए   पर लगता है कल की ही बात है   ज़िन्दगी कि उलझनो से मैं जब भी...
15 टिप्‍पणियां:
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संजय भास्‍कर
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :) अपने विचारों में खोया रहने वाला एक संवेदनशील इन्सान जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर टूटे-फूटे शब्दों में सहेजता हूँ वही लिखता हूँ इस दुनिया की भीङ में अपनी पहचान पाने की लगातार कोशिश करने वाला एक मामूली सा शख्श बस थोडे से अरमान मुट्ठी भर सपने हैं साहित्य अध्यन में रूचि रखता हूँ जीवन के हर एक पल को जीने में यकीन रखता हूँ जिंदगी बहुत ही छोटी है इसलिए जितना संभव हो,प्यार बाँटने की कोशिश करता हूँ कभी कभी कुछ अनकही भावनाये व्यक्त करने के लिये कविता या लेखों को माध्यम बना लेता हूँ उम्मीद करता हूँ की आप को पसंद आयें दोस्तों ये तो रही मेरी बात अब बारी आपकी है क्योंकि मेरा मानना है - दोस्त बनाओ दुनिया बनाओ गुजारिश है कि ब्लॉग पढ़कर मेरी कमियाँ जरूर बताये आपकी टिप्पणियां मेरा हौसला बढ़ाती हैं इसलिए मेरी रचनाएं पढ़ने के बाद अपनी अमूल्य टिप्पणी ज़रूर दें मेरा प्रमुख ब्लॉग 'शब्दों की मुस्कुराहट' है
-- संजय भास्कर
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