शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
03 जून 2013
माँ तुम्हारे लिए हर पंक्ति छोटी है -- संजय भास्कर
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चित्र-- गूगल से साभार मेरी प्यारी माँ तुम्हारे बारे में क्या लिखू तुम मेरा सर्वत्र हो मेरी दुनिया हो तुम्हारे लिए हर पंक्ति छोट...
52 टिप्पणियां:
04 मई 2013
फ्लाईओवर पर तेजी से दौड़ता हुआ शहर -- संजय भास्कर
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( चित्र - गूगल से साभार ) फ्लाईओवर पर तेजी से दौड़ता हुआ शहर यह वह शहर नहीं रहा अब जिस शहर में '' मैं कई वर्षो पहले आया था...
52 टिप्पणियां:
18 अप्रैल 2013
मैं अकेला चलता हूँ -- संजय भास्कर
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मैं अकेला चलता हूँ चाहे कोई साथ चले या न चले मैं अकेले ही खुश हूँ कोई साथ हो या न हो पर मेरी छाया हमेशा मेरे साथ होती है ! जो हमेशा...
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04 अप्रैल 2013
दिन में फैली ख़ामोशी -- संजय भास्कर
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जब कोई इस दुनिया से चला जाता है वह दिन उस इलाके के लिए बहुत अजीब हो जाता है चारों दिशओं में जैसे एक ख़ामोशी सी छा जाती है दिन में फैली ...
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17 मार्च 2013
अक्सर मैं -- संजय भास्कर
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आप सभी ब्लॉगर साथियों को मेरा सादर नमस्कार काफी दिनों से व्यस्त होने के कारण ब्लॉगजगत को समय नहीं दे पा रहा हूँ पर अब आप सभी के समक्ष ...
53 टिप्पणियां:
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