शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
18 अप्रैल 2013
मैं अकेला चलता हूँ -- संजय भास्कर
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मैं अकेला चलता हूँ चाहे कोई साथ चले या न चले मैं अकेले ही खुश हूँ कोई साथ हो या न हो पर मेरी छाया हमेशा मेरे साथ होती है ! जो हमेशा...
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04 अप्रैल 2013
दिन में फैली ख़ामोशी -- संजय भास्कर
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जब कोई इस दुनिया से चला जाता है वह दिन उस इलाके के लिए बहुत अजीब हो जाता है चारों दिशओं में जैसे एक ख़ामोशी सी छा जाती है दिन में फैली ...
46 टिप्पणियां:
17 मार्च 2013
अक्सर मैं -- संजय भास्कर
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आप सभी ब्लॉगर साथियों को मेरा सादर नमस्कार काफी दिनों से व्यस्त होने के कारण ब्लॉगजगत को समय नहीं दे पा रहा हूँ पर अब आप सभी के समक्ष ...
53 टिप्पणियां:
13 फ़रवरी 2013
आने वाले दिनों में -- संजय भास्कर
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आने वाले दिनों में जब हम सब कविता लिखते पढ़ते बूढ़े हो जायेंगे ! उस समय लिखने के लिए शायद जरूरत न पड़े ...
61 टिप्पणियां:
03 फ़रवरी 2013
आकर्षण -- संजय भास्कर
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कॉलेज को छोड़े करीब सात साल बीत गये ! मगर आज उसे जब 7 साल बाद देखा तो देखता ही रह गया ! वो आकर्षण जिसे देख मैं हमेशा उसकी और खिचा चला जा...
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