शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
25 अक्टूबर 2017
...... परिंदों को उड़ा देते हैं लोग :)
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कैप्शन जोड़ें खुल के दिल से मिलो तो सजा देते हैं लोग सच्चे जज़्बात भी ठुकरा देते हैं लोग क्या देखेंगे दो लोगों का मिलना बैठे हुए दो प...
6 टिप्पणियां:
02 अक्टूबर 2017
मेरी नजर से बूढी डायरी और अशोक जमनानी :)
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करीब 2012 से मैं अशोक जमनानी जी से जुड़ा हुआ हूँ जमनानी जी के लेखन से मैं बहुत प्रभावित हूँ उनके अपार स्नेह के कारण ही उनके बारे में लिखना...
12 टिप्पणियां:
06 सितंबर 2017
......पीढ़ियाँ आती रहेंगी :))
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पीढ़ियाँ आती रहेंगी और जाती रहेंगी हमेशा कि तरह अपनी जिम्मेदारियाँ निभाती रहेंगी अपनी पूरी ज़िंदगी कुछ जिम्मेदारियाँ पूरी हो जाती है ...
17 टिप्पणियां:
17 अगस्त 2017
साहित्य जगत के लिए बड़ी क्षति कवि चंद्रकांत देवताले का जाना :)
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एक बड़ा कवि, अद्भुत संवेदना का स्रोत और ज़िन्दगी का जानकार हमारे बीच से चला गया। ऐसा कवि होना वाकई कठिन होता है जो प्रेम के लिए,मनुष्यता के ल...
14 टिप्पणियां:
07 अगस्त 2017
..... मैं अकेला चलता हूँ :)
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जिंदगी में इंसान अकेले ही आया है ओर उसे अकेले ही जाना है ... छाया फिर भी उम्र भर साथ देती है मरने के बाद भी इसी पर मन की भावनाओं से उपजी कु...
15 टिप्पणियां:
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