शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
07 अगस्त 2017
..... मैं अकेला चलता हूँ :)
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जिंदगी में इंसान अकेले ही आया है ओर उसे अकेले ही जाना है ... छाया फिर भी उम्र भर साथ देती है मरने के बाद भी इसी पर मन की भावनाओं से उपजी कु...
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24 जुलाई 2017
मेरी नजर से एक बैचलर के कमरे में कविता के लेखक शरद कोकास :)
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बात करीब 2010 में नवरात्री के दिनों में जब शरद कोकास जी के ब्लॉग को मैंने पहली बार पढ़ा शरद कोकास जी के लेखन की तारीफ हर कोई करता है.उनकी क...
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11 जुलाई 2017
...... यादें कभी नहीं मिटती :)
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जब कभी कुछ ढूंढता हूँ कुछ चीजे फुर्सत में तो मिल जाती है अक्सर कुछ पुरानी चीजें जिसे देख खो जाता हूँ पुरानी यादों में कल ही अलमारी...
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20 जून 2017
..... बारिश की वह बूँद :)
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बारिश की वह बूँद जो मेरे कमरे की खिड़की के शीशे पर फिसल रही थी जिसे मैं घंटो से निहार रहा था उसे देख बस मन में एक ही ख्याल आ रहा था...
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25 अप्रैल 2017
..... घर के बड़े बुजुर्ग :)
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घर के बड़े बुजुर्ग जो बाँटना चाहते है अपनी उम्र का अनुभव अपने बच्चो अपने पोते पोतियों के साथ समझाना चाहते है उन्हें दुनियादारी के तौ...
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