शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
01 जनवरी 2013
सारी घड़ियाँ बीत गई -- संजय भास्कर
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सारी घड़ियाँ बीत गई अब हर रोज होगी मुलाकातें कुछ तुम कहना कुछ हम कहेंगे अपने दिल की बातें कैसे कैसे सपने देखे कैसे बीती रातें बीता वर्ष 2...
44 टिप्पणियां:
02 दिसंबर 2012
मेरे पिता ही मेरी माँ -- 2- दिसम्बर जन्मदिन पर विशेष
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2 - दिसम्बर आज मेरे पापा का जन्मदिन है सबसे पहले पापा जी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनायें. पापा जी को एक छोटी सी भेंट कविता के रूप में...
68 टिप्पणियां:
21 नवंबर 2012
दुआ फलती नहीं तो क्या हुआ-- राजेश कुमारी ( ह्रदय के उदगार )
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उसकी दुआ तुझ पे फलती नहीं तो क्या हुआ वक्त के साथ घडी चलती नहीं तो क्या हुआ !! बाजुओ में तेरे ताकत आज भी है बहुत रहम की भीख तुझे नहीं म...
33 टिप्पणियां:
03 नवंबर 2012
........कहीं तुम वो तो नहीं -- संजय भास्कर
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सभी ब्लॉगर साथियों को मेरा सादर नमस्कार काफी दिनों से व्यस्त होने के कारण ब्लॉगजगत को समय नहीं दे पा रहा हूँ पर अब आप सभी के समक्ष पुन: उ...
52 टिप्पणियां:
14 अक्टूबर 2012
एक चिथड़ा सुख लिए भटकता हिन्दुस्तान -- संजय भास्कर
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इतिहास की अंधी गुफाओं से गुजरते हुए आर्यो , मुगलों , अंग्रेजों... और तथाकथित अपनों की नीचताओं को देखते-देखते अपनी ऑंखों में हो चुके ...
49 टिप्पणियां:
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