शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
30 अगस्त 2012
कुछ खो जाना -- संजय भास्कर
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कुछ खो जाना भी अक्सर सुई की चुभन जैसा होता है जिसमे दर्द तो उठता है पर हम जल्दी ही संभल जाते है जैसे किसी बुजुर्ग व्यक्ति का चश्मा खो जाना ...
55 टिप्पणियां:
07 अगस्त 2012
आसमान के सितारों को मैंने रोते देखा -- संजय भास्कर
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आप सभी ब्लॉगर साथियों को मेरा सादर नमस्कार काफी दिनों से व्यस्त होने के कारण ब्लॉगजगत को समय नहीं दे पा रहा हूँ पर अब आप सभी के समक्ष पुन...
69 टिप्पणियां:
17 जुलाई 2012
बेमिसाल इरफ़ान -पान सिंह तोमर--संजय भास्कर
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बहुत दिनों से पान सिंह तोमर फिल्म देखने की सोच रहा था बहुत चर्चा जो सुनी थी आखिर कल समय मिल ही गया सेट मेक्स पर कल बड़े ध्यान...
57 टिप्पणियां:
03 जुलाई 2012
.......कहीं ऐसा तो नहीं--संजय भास्कर
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कहीं ऐसा तो नहीं की हम इस दुर्लभ जीवन के अनमोल क्षणों को गवा रहे है ? दुनिया की चकाचौंध में तो क्यों न हम स्वयं में झांके , की हम...
68 टिप्पणियां:
24 जून 2012
........मैं लिखता हूँ--संजय भास्कर
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इस भाग दौड़ भरी दुनिया में जब भी समय मिलता है मैं लिखता हूँ । जब समय नहीं कटता मेरा समय काटने के लिए मैं लिखता हूँ । जब भी लिखता हूँ, ...
80 टिप्पणियां:
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