शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
22 अप्रैल 2010
ऐसे जल और घट रही है लकड़ी तो सास लेना भी होगा मुश्किल
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हमारी आने वाली पीढि़या भी होली की मस्ती ले सकें, रंगों में सराबोर हो सकें और स्वच्छ वातावरण में होलिका जला सकें, इसके लिए हम सबको ही पहल ...
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20 अप्रैल 2010
जो आँखों में ही रहते है
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होंठो की जुबां ये आंसु कहते है , चुप रहते है मगर फिर भी बहते है इन आंसुओ की किस्मत तो देखो ये उन के लिए बहते है , जो आँखों में ही रहते है |
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19 अप्रैल 2010
हिन्दुस्तान में मायका और पाकिस्तान में ससुराल
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पाकिस्तान में ससुराल और हिन्दुस्तान में मायका शोएब मालिक का प्यार सानिया के लिए अभी तो बेहद ज्यादा है अब सानिया ने यो तो साबित कर ही दिया...
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17 अप्रैल 2010
दर्द जब कागज़ पर उतर आएगा
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दर्द जब कागज़ पर उतर आएगा चेहरा तेरा लफ्जों में नज़र आएगा अपने हाथों की लकीरों में न छुपाना मुझे हाथ छूते हि तेरा चेहरा निखर आएगा ब...
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15 अप्रैल 2010
क्या पता कब दिल तोड़ दे !!!!!!!
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वो अजनबी है जाने कब छोड़ दे , हवा का क्या पता कब रुख मोड़ दे , हम तो दुसरो का दिल खुश रखते है , मगर दूसरो का क्या पता कब दिल तोड़ दे |
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