शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
25 मई 2011
..........बदलते हालात........संजय भास्कर
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कपडे हो गए छोटे शर्म कहाँ रह गई आज ! गर्भ में कर देते है भ्रूण हत्या ममता कहाँ रह गई आज ! अनाज हो गया मिलावटी तो स्वाद ...
130 टिप्पणियां:
16 मई 2011
................अहसास.......संजय भास्कर
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किसी के साथ होने का और किसी के साथ नहीं होने का विश्वास कराता है अहसास जब कभी हम टूट जाते हैं, तब जिंदगी का अर्थ समझाता है अहसास जब कभी...
142 टिप्पणियां:
29 अप्रैल 2011
................खामोश रही तू.....संजय भास्कर
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खामोश रही तू, मैंने भी कुछ न कहा, जो दिल में था हमारे, दिल में ही रहा न तूने कुछ कहा न मैंने कुछ कहा धड़कनों ने आवाज दी, निगाहें फ...
159 टिप्पणियां:
20 अप्रैल 2011
सच है क्या जिंदगी का किसी को पता नहीं.......संजय भास्कर
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सच है क्या जिंदगी का, किसी को पता नहीं | कौन कर रहा है क्या, किसी को पता नहीं | कोई कहता है सब है यहाँ राम, रहीम, ईसा, अल्लाह कोई कहता ह...
136 टिप्पणियां:
12 अप्रैल 2011
जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं मलखान .......... संजय भास्कर
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खुशियों से महके आपका संसार , जिंदगी हो हर पल ऐसे जैसे बागों में बहार न आये कभी कोई गम जिंदगी में , यही दुआ भगवान से करते है हम बार - ...
108 टिप्पणियां:
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