शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
17 अप्रैल 2010
दर्द जब कागज़ पर उतर आएगा
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दर्द जब कागज़ पर उतर आएगा चेहरा तेरा लफ्जों में नज़र आएगा अपने हाथों की लकीरों में न छुपाना मुझे हाथ छूते हि तेरा चेहरा निखर आएगा ब...
33 टिप्पणियां:
15 अप्रैल 2010
क्या पता कब दिल तोड़ दे !!!!!!!
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वो अजनबी है जाने कब छोड़ दे , हवा का क्या पता कब रुख मोड़ दे , हम तो दुसरो का दिल खुश रखते है , मगर दूसरो का क्या पता कब दिल तोड़ दे |
45 टिप्पणियां:
14 अप्रैल 2010
संविधान-निर्माता बाबा अम्बेडकर जी की जयंती 14 अप्रैल पर शत-शत नमन !!!!!
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!!!!! बाबा साहब अम्बेडकर की छवि बड़ी व्यापक है। आपके योगदान को कभी भी विस्मृत नहीं किया जा सकता। संविधान-निर्माता बाबा अम्बेडकर जी की जयंती...
33 टिप्पणियां:
13 अप्रैल 2010
जिंदगी सवाल बदल देती है
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ये जिंदगी भी न जाने कितने मोड़ लेती है हर मोड़ पर नया सवाल दे देती है ढूंढते रहते है हम जवाब जिंदगी भर जवाब मिल जाते है तो जिंदगी सवाल ब...
26 टिप्पणियां:
12 अप्रैल 2010
दिल से दिल न जाने कब जुड़ जाते है....!
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कुछ रिश्ते अनजाने में बन जाते है , पहले दिल फिर जिंदगी से जुड़ जाते है , कहते है उस दौर को ' दोस्ती ' जिसमे दिल से दिल न जाने कब ...
31 टिप्पणियां:
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