15 मई 2020

घोसले पर लौटती चिड़ियाँ :(


रोज देखता हूँ घर की छत से
एक बड़ा सा झुण्ड
चिड़ियों का
जो शाम को लौटती है
अपने घोसलों पर
कई बार सोचा लिखू कुछ चिड़ियों
के लिए
जो सारा दिन जंगलों , शहर की इमारतों
के इर्द- गिर्द 
घर के रोशन दानों
से चुनती है दाना
अपने परिवार के लिए
और शाम होते ही लौटती है
अपने घोसलों पर
एक बड़ा झुंड बना कर
पूरे हौसले के साथ  ....!!

- संजय भास्कर 

01 अप्रैल 2020

अलमारी में पड़ी कुछ पुरानी किताबें :)


अलमारी में पड़ी कुछ
पुरानी किताबें
जिन्हे काफी आरसे से
नहीं पढ़ पाया हूँ मैं
जो अलमारी में
पड़े - पड़े अक्सर देखती है मुझे
और देती है आमंत्रण
मुझे पढ़ने के लिए
पर यह सच है
कि इन किताबो को बरसो पहले
मैं खरीद लाया था
बड़े ही शौक से बाजार से
पर उन्हें लाने के बाद नहीं लगा
पाया हाथ उन्हें बरसो से
जीवन की उलझती व्यस्ताओ ने
दूर कर दिया मुझे इन
किताबो से
चाह कर भी नहीं पढ़
पाया हूँ
इन किताबो को बरसो से .... !!

- संजय भास्कर 

05 मार्च 2020

.... ज़िंदगी का तजुर्बा :)


घर के बड़े - बूढ़े 
जिन्हे नहीं चाहिए ज्यादा कुछ, 
चाहिए तो बस 
थोड़ी इज्जत और सम्मान, 
बदले में ये आपको दे 
सकते है , 
ज़िंदगी जीने का वो तजुर्बा 
जो शायद कही किसी 
किताब में 
लिखा ही नहीं 
ऐसा बिलकुल भी नहीं हैं 
ये कुछ नहीं जानते 
ये सब जानते है , 
नए जमाने की बातें  
पर ये 
उन पेड़ो की तरह
है  
जो हर मौसम और समय 
के हिसाब से 
ढलते रहे है   
तभी तो वे किसी भी परेशानी में , 
जल्दी कराहते नहीं
नई पीढ़ी की तरह 

- संजय भास्कर 

21 फ़रवरी 2020

... हर हर महादेव :)


शिव की बनी रहे हमेशा
सभी पर छाया,
पलट दे जो कभी भी सब की
किस्मत की काया;
मिले वो सब
जिसे सब ने अपनी
ज़िन्दगी में,
में कभी न पाया
काल का भी उस पर क्या
आघात हो
जिस बंदे पर महाकाल का हाथ हो !


सभी मित्रों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं !!
हर हर महादेव