03 सितंबर 2010

इस जिंदगी की दौड़ में ..........जन्मदिन विशेष

 आदरणीय गुरुजनों और मित्रो
मेरे जन्मदिन के मौके पर आप सभी अपना प्रेम और आशीर्वाद प्रदान करे
इस अवसर पर  एक छोटी सी कविता पेश है ------

 इस जिंदगी की दौड़ में ,
तू सबको पीछे छोड़ दे ,
तू अपनी मंजिल पा ले 
रस्ते खुद बना ले 
तू निकल सबसे आगे ,
सभी तेरे पीछे - पीछे
लेकिन ईमानदारी मत छोड़ना,
किसी का दिल मत तोड़ना |


02 सितंबर 2010

आपको और आपके परिवार को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ


आदत.........मुस्कुराने की ओर से 
 
आप सभी को कृष्ण जन्माष्टमी के इस पावन दिवस पर हार्दिक 
शुभकामनाएँ! 
 भगवान् श्री कृष्ण की कृपा से आप और आपका परिवार 
सभी सुखी हो, मंगलमय हों, 

 .....संजय भास्कर..... 

30 अगस्त 2010

.........आप कहें तो गला दबा दूं !


गायक गाना गा कर आया 
आकर नौकर पर झल्लाया ,
आया हूँ मैं थका थकाया ,
पैर  दबाओ राम भुलाया |
राम भुलाया बोला -
बुरा न माने तो एक बात कहूं 
गाने  से तो गला थका है ,
आप कहें तो गला दबा दूं  |


23 अगस्त 2010

या फिर बाज़ार में अपने बेटे की कीमत लगाइए ..........!

  
हमने अखबार में पढ़ा एक 'Advertisement '
लिखा था नो दहेज़ ,'No Requirement '
दहेज़ लेना और देना दोनों ही पाप है ,
लिकिन बेटी को सुखी न रखना भी अभिशाप है |
खैर लड़के का  'Bio-Data ' हमे पसंद आया,
जवाब में हमने भी एक पत्र भिजवाया |
अच्छे होटल में रखा लड़की को दिखने का प्रोग्राम ,
बिल देखकर मुह से निकला है हाय  राम  |
लड़के को लड़की और लड़की को लड़का पसंद आया ,
लड़के के माँ बाप ने हमारे घर आने का प्रोग्राम बनाया 
आकर बोले ये छोटे -छोटे सामान की List  है ,
जो आपकी बेटी के लिए Must  है |
डबल बेड और सोफे  के बिना जिंदगी अधूरी है ,
और एक ' Honda-City '  भी घूमने के लिए ज़रूरी है ,
कैश भी कम से कम चार लाख तो चाहिए ,
साथ में ' Diamond ' के जवाहरात तो पहनाइए |
हमने जब यह सुनी बात 
क्रोध से बोले -आप अब तशरीफ़ उठाइए |
किसी और का द्वार खट खट इए ,
या फिर बाज़ार में अपने बेटे की कीमत लगाइए  |

......संजय कुमार भास्कर