शब्दों की मुस्कुराहट :)

जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)

26 सितंबर 2010

आसमान के सितारों को मैंने रोते देखा .........!!!!!

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आसमान के सितारों को मैंने रोते देखा , उदासी का गम ढ़ोते देखा देखा सब को तड़पते हुए, सारी रात मैंने पूरे आसमा को तड़पते देखा, रात की रौशन...
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संजय भास्‍कर
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :) अपने विचारों में खोया रहने वाला एक संवेदनशील इन्सान जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर टूटे-फूटे शब्दों में सहेजता हूँ वही लिखता हूँ इस दुनिया की भीङ में अपनी पहचान पाने की लगातार कोशिश करने वाला एक मामूली सा शख्श बस थोडे से अरमान मुट्ठी भर सपने हैं साहित्य अध्यन में रूचि रखता हूँ जीवन के हर एक पल को जीने में यकीन रखता हूँ जिंदगी बहुत ही छोटी है इसलिए जितना संभव हो,प्यार बाँटने की कोशिश करता हूँ कभी कभी कुछ अनकही भावनाये व्यक्त करने के लिये कविता या लेखों को माध्यम बना लेता हूँ उम्मीद करता हूँ की आप को पसंद आयें दोस्तों ये तो रही मेरी बात अब बारी आपकी है क्योंकि मेरा मानना है - दोस्त बनाओ दुनिया बनाओ गुजारिश है कि ब्लॉग पढ़कर मेरी कमियाँ जरूर बताये आपकी टिप्पणियां मेरा हौसला बढ़ाती हैं इसलिए मेरी रचनाएं पढ़ने के बाद अपनी अमूल्य टिप्पणी ज़रूर दें मेरा प्रमुख ब्लॉग 'शब्दों की मुस्कुराहट' है
-- संजय भास्कर
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