शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
06 अगस्त 2010
क्रिकेट का समाज के विकास में योगदान
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अपनी अपनी ढपली, अपना अपना राग जिसका लगा मौका, वही रहा अलाप क्रिकेट ने समाज के विकास में क्या योगदान दिया है? श्री सुधीर जी का सवाल बहुत अच्...
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30 जुलाई 2010
तप से भगवान बने सचिन तेंदुलकर
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सचिन तेंदुलकर को यूं ही महान नहीं कहा जाता। सचिन क्या किसी भी फिल्ड में जो भी महान कहलाता है, उसके पीछे उसकी तपस्या होती है। किसी शख्स क...
41 टिप्पणियां:
29 जुलाई 2010
सचिनः कितना महान हुआ भगवान
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देख हमारे सचिन की ताकत क्या हो गई इंसान कितना महान हुआ भगवान कितना महान हुआ भगवान टेस्ट में जो कर न पाते भगवान वन-डे में भी कर दिखलाते इसलिए...
53 टिप्पणियां:
26 जुलाई 2010
राजनीतिक स्वार्थ ........!
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महंगाई का ब्रेकफास्ट कीजिये , आश्वासनों का लंच कीजिये , डिग्रियों की सिगरेट बनाकर पीजिये | हे भाई ! इतनी सुखद जिंदगी के लिए , कम से कम सर...
52 टिप्पणियां:
22 जुलाई 2010
जैसे मिल गई चवन्नी भीख में भिखारी से
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मुफ्त में मिला था मैं, इस देश को उधारी में , जैसे मिल गई चवन्नी, भीख में भिखारी से |
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