शब्दों की मुस्कुराहट :)

जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)

07 मई 2010

कुछ कसूर चेहरों का भी होगा ! ! !

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कुछ मेरे कदमो का , कुछ कसूर अंधेरो का भी होगा इतनी गुस्ताख निगाहे नहीं हैप्पी , कुछ कसूर चेहरों का भी होगा |
35 टिप्‍पणियां:
05 मई 2010

मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया

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मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया हर फिकर को धुएँ में उड़ाता चला गया बरबादियों का शोक मानना फिजूल था बरबादियों का जश्न मनाता चला गया हर फि...
38 टिप्‍पणियां:
03 मई 2010

फ्री की 'नींबूज'

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आज हमारे ऑफिस में बंटी फ्री की 'नींबूज' स्वाद इसका गजब का, जैसे असली नींबूज जिसने भी पी वाह! वाह! ही की जब देखा, कुछ और ही थी अ...
40 टिप्‍पणियां:
01 मई 2010

बढ़ता जा रहा है गंगा के आंचल पर मैल

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पवित्र गंगा का मैल धोने की जिम्मेदारी गंगा एक्शन प्लान से अब नेशनल गंगा रिवर बेसिन अथारिटी के हवाले हो चुकी है, लेकिन फिर भी अमृत जैसे गंग...
36 टिप्‍पणियां:
30 अप्रैल 2010

आखिर,देश को क्या देंगे ?

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केतन, केतन देसाई अध्यक्ष मेडिकल कोंसिल ऑफ़ इंडिया सीबीआई की रेड में घर से मिले 1800 करोड़ नगद डेढ़ टन सोना ...
33 टिप्‍पणियां:
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संजय भास्‍कर
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :) अपने विचारों में खोया रहने वाला एक संवेदनशील इन्सान जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर टूटे-फूटे शब्दों में सहेजता हूँ वही लिखता हूँ इस दुनिया की भीङ में अपनी पहचान पाने की लगातार कोशिश करने वाला एक मामूली सा शख्श बस थोडे से अरमान मुट्ठी भर सपने हैं साहित्य अध्यन में रूचि रखता हूँ जीवन के हर एक पल को जीने में यकीन रखता हूँ जिंदगी बहुत ही छोटी है इसलिए जितना संभव हो,प्यार बाँटने की कोशिश करता हूँ कभी कभी कुछ अनकही भावनाये व्यक्त करने के लिये कविता या लेखों को माध्यम बना लेता हूँ उम्मीद करता हूँ की आप को पसंद आयें दोस्तों ये तो रही मेरी बात अब बारी आपकी है क्योंकि मेरा मानना है - दोस्त बनाओ दुनिया बनाओ गुजारिश है कि ब्लॉग पढ़कर मेरी कमियाँ जरूर बताये आपकी टिप्पणियां मेरा हौसला बढ़ाती हैं इसलिए मेरी रचनाएं पढ़ने के बाद अपनी अमूल्य टिप्पणी ज़रूर दें मेरा प्रमुख ब्लॉग 'शब्दों की मुस्कुराहट' है
-- संजय भास्कर
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