शब्दों की मुस्कुराहट :)
जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर शब्दों से मुस्कुराहट बाँटने की कोशिश :)
15 मार्च 2010
किसी से कम नहीं पीते
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हम विस्की नहीं पीते हम रम नहीं पीते हम जाम के नाम पर गम नहीं पीते अगर मिल जाये यारो की महफ़िल खुदा की कसम , फिर किसी से कम नहीं पीते |
33 टिप्पणियां:
14 मार्च 2010
जिंदगी में सदा मुस्कुराते रहो
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जिंदगी एक रात है , जिसमे न जाने कितने खवाब है जो मिल गया वो अपना है , जो टूट गया वो सपना है ये मत सोचो की जिंदगी में कितने पल है , ...
23 टिप्पणियां:
13 मार्च 2010
तुम हो वो चिड़िया .....
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कब से उड़ रही है थकती नहीं शाम ढले भी चहचहाती है घोंसले को बनाती है ,सजाती है खुद को सवारने से पहिले बच्चो को खिलाती है ,उड़ना सि...
27 टिप्पणियां:
12 मार्च 2010
तेरे लायक नहीं,जानता हूँ
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तेरे लायक नहीं, जानता हूँ जो कभी नही हुआ वो आज हो गया जो मेरे पास था वो दिल खो गया तुम जानते हो या न नही, पता नहीं पर जो खोया है मैं...
26 टिप्पणियां:
08 मार्च 2010
ख्वाहिशे..........
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ख्वाहिशे.... ख़वाहिशो के मोती इकट्ठा कर एक ख्वाबो का घर बना तो दिया था.. मासूम दिल नहीं जानता था इसकी तासीर रेत के घरोंदे की तरह है...
14 टिप्पणियां:
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