31 अक्तूबर 2009

हम रहे या ना रहे

हम तेरे साथ चलेंगे ,
तू चले या न चले ,
तेरा हर दर्द सहेंगे ,
तू कहे न कहे ,
तेरी परछाई बन के रहेंगे ,
तू माने या ना माने ,
हम चाहते है की ,
आप सदा खुश रहे दोस्त
हम रहे या ना रहे
संजय भास्कर

29 अक्तूबर 2009

ज़िन्दगी एक कविता है

ज़िन्दगी एक कविता की तरह है, कुछ उम्मीदों की और कुछ चाहतों की, ग़म जिसका शीर्षक है, और भावनाएं जिसका घर, पल-पल का फेर ख्वाहिशों का मेला, हवा के साथ जो बोले, तूफ़ान का साथ देकर खुशबू के साथ जो फैले, दिलों में जो जगह बना ले, बस........ कुछ खुशी देकर, यही है ज़िन्दगी................. जो कि एक कविता कि तरह है!!!!!!!!!!!! लेखक महफूज़ अली

27 अक्तूबर 2009

उन्हें आज भी आजादी चाहिए

उन्हें आज भी आजादी चाहिए आजादी जीने की हंसने की, बतलाने की आजादी चाहिए कमाने की भरपेट खाने की करोड़ों, जो गरीबी के गुलाम हें उन्हें आजादी चाहिए, आजादी आजादी कहने की जुल्म न सहने की आजादी उठने की, बैठने की देखने की, अपनी आंखों से सुनने की, अपने कानों से. वो हरपल तुम्हें खून देते हैं अब तुम बताओ तुम बताओ, क्या 'सुभाष' की भांति तुम उन्हें आजादी दोगे?
लेखक
आमीन

26 अक्तूबर 2009

वादा करो छोडोगी नहीं तुम मेरा साथ.....

तन्हाई में जब मैं अकेला होता हूँ, तुम पास आकर दबे पाँव चूम कर मेरे गालों को, मुझे चौंका देती हो, मैं ठगा सा, तुम्हें निहारता हूँ, तुम्हारी बाहों में, मदहोश हो कर खो जाता हूँ. सोच रहा हूँ..... कि अब की बार तुम आओगी, तो नापूंगा तुम्हारे प्यार की गहराई को.... आखिर कहाँ खो जाता है मेरा सारा दुःख और गुस्सा ? पाकर साथ तुम्हारा, भूल जाता हूँ मैं अपना सारा दर्द देख कर तुम्हारी मुस्कान और बदमाशियां.... मैं जी उठता हूँ, जब तुम, लेकर मेरा हाथ अपने हाथों में, कहती हो....... मेरे बहुत करीब आकर कि रहेंगे हम साथ हरदम...हमेशा....

Writer :- Mehfooz Ali

24 अक्तूबर 2009

जिंदगी में सदा मुस्कुराते रहो

जिंदगी एक रात है ,
जिसमे न जाने कितने खवाब है
जो मिल गया वो अपना है ,
जो टूट गया वो सपना है
ये मत सोचो की जिंदगी में कितने पल है ,
ये सोचो की हर पल में कितनी जिंदगी है
तो हर पल जिंदगी हंस कर जियो ,
हर पल को जी भर के जियो
हस्ते रहो मुस्कुराते रहो
संजय भास्कर
Email:- sanjay.kumar940@gmail.com

21 अक्तूबर 2009

क्या गुनाह किया

ज़माने ने रुलाया है हमको ,

एक अपने ने रुला दिया तो क्या गुनाह किया

Sanjay bhaskar Email:- sanjay.kumar940@gmail.com

19 अक्तूबर 2009

खुशिया ही खुशिया हो आपकी जिंदगी में

हमेशा फूलो की तरह मुस्कुराते रहना

मुस्किले मैंने भी देखि है आपने भी ,

मैंने रास्ता चुना है हसने हँसाने का ,

अगर हमारी वजह से आपके होटों पे मुस्कान आ जाए ,

तो हजार साल जी लेंगे हम

अगर हमारी वजह से तकलीफ पहुंचे ,

तो माफ़ कर देना

पर इस दोअस्ती के रिश्ते को कोई दूसरा नाम मत देना

जिंदगी के हर पल में ये बन्दा आपके साथ रहेगा

आपकी दोस्ती और प्यार का चिह्न बनकर ,

खुशिया ही खुशिया आपकी जिंदगी में आयेंगी ,

मेरा वादा रहा दोस्त वो सदा तेरे साथ रहेंगी

Dedicated to my best friend

15 अक्तूबर 2009

रह जाती है यादें ही यादें

हर किसी को किसी न किसी की आती है यादें ,

हर किसी को रुला जाती है यादें

जब आती है सब कुछ भुला देती है यादें ,

बस रह जाती है यादें ही यादें

14 अक्तूबर 2009

कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं

कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं ।
एक दोस्त है कच्चा पक्का सा ,
एक झूठ है आधा सच्चा सा ।
जज़्बात को ढके एक पर्दा बस ,
एक बहाना है अच्छा अच्छा सा ।
जीवन का एक ऐसा साथी है
दूर हो के पास नहीं ।
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
तुम कह देना कोई ख़ास नहीं ।
हवा का एक सुहाना झोंका है
नाज़ुक तो कभी तुफानो सा ।
शक्ल देख कर जो नज़रें झुका ले
दोस्त एक अनजाना सा