31 दिसंबर 2009

2010 का साथ होगी खुशियों की बरसात



कुछ दिनों की है बात
फिर हर रोज होगी मुलाकात
कुछ तुम कहना कुछ हम कहेंगे
अपने दिल की बात
कैसे कैसे सपने देखे
कैसे बीती वो आपसे दूर रह कर रात
बिता 2009 आ रहा 2010 का साथ
इंतज़ार की घडिया ख़तम होने को
रूबरू होंगे लेकर खुशियों की बरसात