18 नवंबर 2009

मेरा घर कब्जाना चाहते हैं !


मेरा घर कब्जाना चाहते हैं कभी चीनी तो कभी पाकिस्तानी भाई बनकर मेरे हाथ बंधे हैं मैं क्या करूं कैसे लडूं इनसे मैं मैं बेचारा भारत चाहता हु सबका भला कभी पहल नही करता अब तो दूज करना भी भूल गया हूँ पर घर तो मुझे बचाना ही है ये तो मेरा खजाना ही है पर मैं करू तो क्या वो मेरा घर कब्जाना चाहते हैं मेरे भाई बनकर
हमारे मित्र आमीन के ब्लॉग से ये कुछ पंक्तियाँ....